क्या ज्यादा रैम वाला फोन अच्छा होता है?
यह प्रश्न हमारे दिमाग में जरूर आता है जब हम मोबाइल खरीदने जाते हैं तब तो चलिए आज हम बताएंगे क्या है रैम और 6GB रैम और 8GB रैम में क्या अंतर है!
यह धारणा गलत है कि 8GB रैम वाला स्मार्टफोन बहुत अच्छी स्पीड देता है जानते हैं
बाजार में 6GB रैम वाले स्मार्टफोन आने के बाद आरजीबी वाले हैंडसेट रेस में है 8GB रैम स्मार्टफोन के अस्तित्व को जस्टिफाई करने के लिए ब्रांड 256gb तक का उच्च इंटरनल स्टोरेज ऑफर करने लगे हैं ज्यादा रैम और ज्यादा स्टोरेज एसे 250 है जिन्हें यूजर्स छोड़ सकते हैं हालांकि 14 स्टोरेज स्पेस की बात समझ में आ सकती है पर एंड्रॉयड स्मार्टफोन में ज्यादा रैम का फायदेमंद हो ना संदिग्ध है।
सिर्फ प्रदर्शन के लिए:-
2018 में 8GB रैम वाले स्मार्टफोन की हर तरफ चर्चा रही है फोन के स्पेसिफिकेशन पर सबसे ज्यादा गोल करने वाले विजय के लिए 8GB रैम बड़ी चीज प्रतीत होती है पर यह मार्केट के लिए 8GB रैम की कोई जरूरत नहीं होती है
3GB रैम और 8GB रैम मोबाइल के बीच में अंतर:-
यदि आप किसी चीज जीबी रैम वाले और 8GB रैम वाले एक जैसे स्मार्टफोन की परफॉर्मेंस और स्पीड पर गौर करने की कोशिश करेंगे तो आपको कोई भी खास अंतर नजर नहीं आएगा रोज इस्तेमाल करने पर आपको दोनों एक जैसे लगेंगे इसलिए मैं आपको सुझाव दूंगा कि आप बड़ी रेम को देखकर मॉल को कभी ना खरीदें दुनिया में बेहतरीन फोंस कि अगर हम बात करें तो उनमें ज्यादा रैम नहीं होती तो चलिए बात करते हैं-
दुनिया के बेहतरीन फोन में कम Ram हैं:-
दुनिया के सबसे बेहतरीन मोबाइल पर अगर नजर डालें तो पता लगेगा कि उनमें ज्यादा रैम नहीं है जैसे कि बात करते हैं एप्पल आईफोन एक्स की आईफोन 8 प्लस सैमसंग गैलेक्सी S9 प्लस और गूगल पिक्सेल में कम Ram है आईफोन 8 प्लस में 3GB रैम आती है और बाकी में 4GB रैम आती है कमरे में होने पर भी इनकी परफॉर्मेंस शानदार है।
8GB रैम मतलब यह नहीं है कि स्पीड तेज हो जाएगी स्मार्ट फोन की स्पीड में सॉफ्टवेयर ऑप्टिमाइजेशन का बहुत बड़ा रोल होता है अगर आप सोचते हैं कि इस स्मार्टफोन में 8GB रैम होने पर वह तेज चलने लगेगा तो यह गलत धारणा है स्मार्ट फोन की स्पीड के लिए कहीं फैक्टर्स काम करते हैं।
ओसत यूजर्स को 8GB रैम की जरूरत नहीं पड़ती।
यदि फोन के संगीत का मजा लेंगे मूवी देखेंगे गेम्स खेलेंगे सोशल मीडिया पर जाएंगे या इंटरनेट ब्राउजिंग करेंगे तो फिर 8GB रैम वाले स्मार्टफोन की जरूरत नहीं है इससे कम जीबी रैम वाले फोन पर यह सारे काम बेहतर तरीके से पूरे किए जा सकते हैं अतः पैसों को खर्च करना आपका ही नुकसान है।
8GB RAM phone future प्रूफ हैं :-
कुछ लोगों का तर्क हो सकता है कि 8GB रैम वाला स्मार्टफोन खरीद कर वे खुद को फ्यूचर ग्रुप बना लेते हैं क्योंकि भविष्य में लांच होने वाले भारी गेम और एप्स उनके डिवाइस पर आसानी से चल सकेंगे लेकिन तकनीक की दुनिया में तेजी से हो रहे बदलाव के कारण लोग एक या 2 साल में अपने फोन ही बदल लेते हैं ऐसे में इस तरह के फोन फ्यूचर ग्रुप नहीं हो सकते इसके अलावा 8GB रैम वाले स्मार्टफोन बाजार में काफी महंगे मिल रहे हैं इन्हें लेना समझदारी नहीं कही जा सकती है
किसी एंड्राइड ऐप को 8GB रैम की जरूरत नहीं होती है गेम के साथ-साथ एंड्राइड डिवाइसेज पर ऐसा कोई ऐप या हार्डवेयर नहीं है जिसे 8GB रैम की जरूरत पड़ती है यहां तक कि ए आर और वीआर एप्स बी 4GB रैम वाले डिवाइस पर आसानी से चल सकते हैं मॉड्यूलर हार्डवेयर से मोटो मोड भ 4GB रैम से कम पर smoothly रन करता है।
ज्यादातर एंड्राइड गेम कम रैम के लिए ऑप्टिमाइज्ड है डेवलपर्स अपने गेम्स को इस तरह से डिजाइन करते हैं कि ज्यादा से ज्यादा लोग उनकी गेम को डाउनलोड करें और खेले यूजर बेस बढ़ता है इसीलिए यह सोचना तर्कपूर्ण है कि ज्यादातर एंड्राइड गेम कम रैंक वाले डिवाइस इस पर भी बेहतर परफॉर्म करते हैं।
तो आप समझ ही गए होंगे कि 6GB रैम और 8GB रैम में क्या अंतर है कैसे काम करता है यदि इसी प्रकार की जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो अभी हमें सब्सक्राइब करें और पोलो भी कर ले ताकि आपको आने वाली जानकारी की नोटिफिकेशन सबसे पहले प्राप्त हो।