Benefits of knowing 2 languages: -
एक दूसरे से बिल्कुल अलग भाषाओं को सीखने के अब तक कई साइड इफेक्ट बताएं जाते रहे हैं।
जैसे कि हो सकता है कि उनके शब्द आपस में गड़बड़ होने लगे बोलते वक्तअंग्रेजी का व्याकरण गड़बड़ आने लगे या अलग-अलग भाषाओं में उलझे होने के कारण किसी को आगे चल की चीजें याद रखने में मुश्किल होने लगे।
मगर अब एक से ज्यादा भाषाओं के सीखने के कई फायदे सामने आए हैं दरअसल भाषा वैज्ञानिकों और मनो चिकित्सकों के बीच बरसो से यह बहस चली जा रही है कि यह फायदेमंद है या इसके नुकसान ज्यादा है
वेस्टर्न सिडनी विश्वविद्यालय ऑस्ट्रेलिया के मनोवैज्ञानिकों मार्क एंटोनियो ने अब अपने अध्ययन के आधार पर कहां है
कि मनुष्य को अपने जीवन में कम से कम 2 भाषाएं जरूर सीखनी चाहिए यह बूढ़े होते दिमाग के लिए बहुत कारगर है
हाल ही प्रकाशित अपने एक लेख में उन्होंने बताया है कि बच्चों को एक से ज्यादा भाषा से गाना कितना अच्छा है
उनके अनुसार अगर कोई व्यक्ति नियमित रूप से एक से ज्यादा भाषाओं का प्रयोग करता है
तो उस में अल्जाइमर बीमारी के देर तक चलने की संभावना बनती है इससे अपने विचारों पर नियंत्रण बढ़ता है एकाग्रता में वृद्धि होती है और किसी भी योजना को बनाने की योग्यता भी बढ़ जाती है
इसमें गैर जरूरी बातों को नजरअंदाज करना आसान हो जाता है और उसी पर ध्यान रहता है जो हमारे लिए जरूरी है
2 भाषाओं के बोलने को नुकसानदायक बताने वाले लोगों की बात का जवाब मार्ग इस तरह देते हैं:-
इसमें दिमाग दो भाषाओं का मास्टर हो जाता है और भाषाओं का ज्ञान दिमाग के अवचेतन मन में संग्रहित होता है इन्हें बोलते समय यह ज्ञान सोता है सक्रिय हो जाता है
यही वजह है कि व्यक्ति गलत समय पर गलत जगह गलत शब्द या भाषा को नहीं बोलता।
इसके साथ ही मान लीजिए कि आप किसी ऐसी जगह बैठकर अपने काम पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश कर रहे हैं
जहां बहुत जोर है इस स्थिति में भी ऐसे व्यक्ति का प्रदर्शन बेहतर होगा जिसे 2 भााषा आती है ।
दरअसल एक से ज्यादा भाषाओं को सीखने से आपकी योग्यता भी बढ़ जाती है आप के दिमाग की जो मांस पर चाय स्मृति के लिए जिम्मेदार होती है उनका विकास होता है
इससे दिमाग स्वस्थ होता है हालांकि अभी सभी भाषा वैज्ञानिक इससे सहमत नहीं है।








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