रोजमर्रा के जीवन में हमारे साथ कहीं पर ज्ञानिक घटना घटती है जिन्हें हम नजरअंदाज कर देते हैं या फिर हमें उनका पता ही नहीं चलता हम ऐसी ही कुछ चीजों के पीछे छिपे विज्ञान के बारे में जानेंगे:-
🔐 कुछ लोग गोरे काले और सांवले क्यों होते हैं?
हमारे आसपास मौजूद सभी लोगों का व्यवहार रंग रूप आवाज एक दूसरे से अलग होती है
भले ही यह सामान्य बात हो लेकिन इसके पीछे भी प्राणी विज्ञान ही काम आता है मानव का रंग उसकी त्वचा में उपस्थित एक रंगीन पदार्थ पर निर्भर करता है जिसे पिगमेंट कहते हैं जो पिगमेंट बुरा रंग के लिए होता है
उसे मेलेनिन कहते हैं सूर्य के प्रकाश में शरीर के उत्तको द्वारा अधिक मेलेनिन पैदा किया जाता है ऐसा सूर्य के प्रकाश में उपस्थित पराबैंगनी किरणों के कारण होता है
इन किरणों से प्रभाव से अधिक मेलेनिन उत्पन्न होने के कारण रंग काला हो जाता है
यही कारण है कि गर्म प्रदेशों में रहने वालों लोगों की त्वचा का रंग अधिक मेलेनिन होने के कारण काला होता है जबकि ठंडे प्रदेश में रहने वालों की त्वचा का रंग गोरा होता है ठंडे प्रदेशों में मेलेनिन का निर्माण कम होता है।
🔐सड़े हुए फल के आसपास के फल क्यों सर जाते हैं?
इसके पीछे सड़े हुए फलों से निकलने वाली गैस होती है जिसका नाम है एथिलीन
वास्तव में पके हुए फल की अपेक्षा सड़े हुए फल से एथिलीन गैस अधिक मात्रा में निकलती है
जैसे जैसे इस गैस के संपर्क में अन्य फल व सब्जी आते हैं वे सड़ जाते हैं
🔐खाते वक्त क्यों नहीं बोलना चाहिए?
दरअसल ऐसा इसलिए कहा जाता है क्योंकि भोजन के दौरान
चबाया हुआ लार युक्त भोजन कोर के रूप में ग्लोटिस निवाले को ग्रास नली में जाने का मार्ग देता है
भोजन करते समय बोलने से श्वसन नली में भोजन के कण फस जाते जाते हैं या फस सकते हैं इनके द्वारा श्वसन नली में उत्तेजित होती है
जिससे प्रतिवर्ती क्रिया के कारण खांसी हो सकती है भोजन का बड़ा टुकड़ा फसने से दम भी घुट सकता है।
इसीलिए बड़े लोग कहते हैं खाना खाने के वक्त हमें बातचीत नहीं करना चाहिए।
🔐गोल गोल घूमने से सर क्यों चक्कर आने लगता है?
आपने देखा होगा कि थोड़ी देर तक गोल गोल घूमने के बाद हम भी गोल गोल घूमने लगते हैं
ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उस समय मनुष्य के आंतरिक कान में उपस्थित संवेदनशील द्रव भी घूमने लगता है यही द्रव दिमाग को नियंत्रण करता है रुक जाने पर भी यह पदार्थ कुछ देर तक घूमता रहता है
जितनी देर तक यह पदार्थ घूमता रहता है मनुष्य का दिमाग भी उतनी ही देर तक चकराता रहता है।
🔐कौन सा देश स्वतंत्रता दिवस नहीं मनाता हैं?
स्वतंत्रा दिवस वही देश मनाएगा जिसके कंधे पर कभी गुलामी का बोझ रहा हो जैसे कि यूके रूस फ्रांस नेपाल थाईलैंड जापान चीन ऑस्ट्रेलिया न्यूजीलैंड जैसे देश स्वतंत्रा दिवस नहीं मनाते हैं
फिर भी कई देश अपने राष्ट्र दिवस मनाते हैं फ्रांस अपनी क्रांति की याद में बास्तील दिवस मनाता है ऑस्ट्रेलिया न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका पर बाहर से आए लोगों का शासन है पर वह इन देशों के निवासी है
इसीलिए स्वतंत्रा दिवस नहीं मनाते चीन 1 अक्टूबर को कम्युनिस्ट शासन की शुरुआत को मानता है
नेपाल 29 मई 2008 को संप्रभुता संपन्न गणतंत्र बना इस दिन यहां से राजशाही का खात्मा हुआ नेपाल में लोकतंत्र दिवस हर साल फाल्गुन सप्तमी को मनाया जाता है
इस रोज सन 1951 में राजा त्रिभुवन ने देश को राणा शाही के हाथों से निकालकर लोकतंत्र की स्थापना की थी
देश में लोकतंत्र 1960 में आया जब राजा महेंद्र ने पंचायत प्रणाली की स्थापना की।
🔐सुपरमैन का जन्म कैसे हुआ?
सुपरमैन एक काल्पनिक चरित्र है जिस की कथाएं कॉमिक्स के रूप में छापी जाती है इसे एक अमेरिकी प्रतीत माना जाता है
सन 1932 में इसकी रचना जेरी segal & jo suster दो किशोरों ने की थी जब वे क्लीवलैंड ओहायो में रहते थे और स्कूल में पढ़ते थे
उन्होंने इस चरित्र के अधिकार डिटेक्टिव कॉमिक्स को बेच दिए थे इसका पहला प्रकाशन सन् 1938 में एक्शन कॉमिक्स ₹1 में हुआ था इसके बाद यह चरित्र टेलीविजन और रेडियो आदि पर भी अवतरित हुआ
यह अब तक के रचे गए सबसे लोकप्रिय चरित्रों में से एक है सुपरमैन नीले रंग का परिधान पहनता है
उसके सीने पर लाल रंग की दाल बनी होती है जिस पर लिखा होता है एस
उसकी मूल कथा यह है कि उसका जन्म क्रिप्टो ग्रह पर हुआ था जहां उसका नाम था केल एल
यह क्रिप्टूल ग्रह नष्ट हो रहा था कि उसके वैज्ञानिक पिता ने इस शिशु को रोकेट पर रखकर धरती की ओर भेज दिया यह बच्चा केनसस के किसान और उसकी पत्नी को मिला
उन्होंने इसे पाला और इसका नाम रखा क्लार्क केंट इस बच्चे में शुरुआत से ही विलक्षण शक्तियां थी जिनका इस्तेमाल उस उसने अच्छे कार्यों में किया सुपरमैन अमेरिका का एक काल्पनिक नगर मेट्रोपोलिस में रहता है
क्लार्क केंट के रूप में मेट्रोपोलिस के अखबार डेली प्लेनेट में काम करता है।
🔐ब्लोवर क्या होता है?
इस नोबल और वह मशीन है जो बर्फ गिरने के बाद सड़क फुटपाथ से बर्फ को हटा दी है बर्फ को जब यह हटाती है
तो इसके आउटलेट इन से बर्फ की धारा जैसे निकलती है जैसे कि किसी ब्लॉवर से पानी की धारा छोड़ी जाए।














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