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2 जन॰ 2021

एवियन इनफ्लुएंजा वायरस क्या है? यह कैसे फैलता है जानिए इसके लक्षण 2021

एवियन इनफ्लुएंजा वायरस

राजस्थान के झालावाड़ जिले में एक नया वायरस ने दस्तक दी है जिसके कारण आसपास के कई क्षेत्रों में पक्षियों की मौत का मामला सामने आया है जिसमें कौवे की मौतें हुई है।

यह पक्षियों के लिए सबसे ज्यादा घातक वायरस है इसके अलावा यह इंसानों के लिए भी घातक है जो लोग पक्षियों के संपर्क में रहते हैं यह वायरस इतना घातक है कि इससे मिलकर भी हो सकती है आपको बता दें बर्ड फ्लू का पहला मामला 1990 में सामने आया जब इंसानों में इस वायरस की पुष्टि की गई वैसे कुछ ही दिन में एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को बर्ड फ्लू हुआ हो इसके अलावा अभी तक इंसानों से इंसानों में स्पश्ठ  नहीं है लेकिन यदि दो इंसानों के बीच व्यक्तिगत संपर्क हो जाए तो यह वायरस फेलता  है।

कुछ तरह (स्ट्रेन) के इन्फ़्लुएंज़ा वायरस, जो मुख्य रूप से पक्षियों को संक्रमित करते हैं, लेकिन ये मनुष्यों को भी संक्रमित कर सकते हैं.
इस तरह का फ्लू अक्सर ही बीमार पक्षियों के संपर्क में आने से होता है. यह व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भी फैल सकता है।

एवियन इन्फ्लूएंजा

एवियन इन्फ्लूएंजा (एआई) को आमतौर पर बर्ड फ्लू (पक्षियों का वायरल रोग) के रूप में जाना जाता है। यह संक्रामण (इन्फ़ैकशन) इन्फ्लूएंजा वायरस के कारण होता है। वायरस संक्रमित पक्षी से मनुष्यों में फैलता है और बीमारी पैदा करता है। एवियन इन्फ्लूएंजा का संक्रमण घातक होता है और इससे मृत्यु होने की संभावना काफी अधिक होती है। इस घातक संक्रमण से ज्यादातर मुर्गियाँ, बतख और हंस प्रभावित होते हैं। पोल्ट्री पक्षियों में इसकी संवेदनशीलता काफी अधिक होती है। एवियन इन्फ्लूएंजा से पीड़ित अधिकतर लोगों को संक्रमित पक्षियों के साथ निकट संपर्क देखा गया था। यह संक्रमण हवा की बूंदों या धूल में पाए जाने वाले वायरस से भी फैलता है। यह सांस लेते समय लोगों के अंदर चला जाता है और लोगों को प्रभावित करता है। 

एवियन इन्फ्लूएंजा से पक्षी किस प्रकार संक्रमित होते हैं?

इस संक्रामण के जिम्मेदार वायरस, ऑर्थोमीक्सोविरिडा परिवार के इन्फ्लुएंजा ए जीनस से संबंधित है। दुनिया भर में, इस प्रकार का एक वायरस स्वाभाविक रूप से जलीय पक्षियों में पाया जाता है। संक्रमित पक्षी एवियन इन्फ्लूएंजा ए वायरस को अपनी लार, नाक स्राव और मल के जरिए अतिसंवेदनशील पक्षियों में संक्रमण फैला सकते हैं। LPAI (कम रोगजनक एवियन इन्फ्लुएंजा) HPAI (अत्यधिक रोगजनक एवियन इन्फ्लुएंजा) की तुलना में कम संक्रामक है। HPAI वायरस शरीर के कई आंतरिक अंगों को प्रभावित कर सकता है और इसके कारण 48 घंटों के भीतर मृत्यु दर 90% -100% तक हो सकती है।

एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस के बारे में हम और क्या जान सकते हैं?

एवियन इन्फ्लुएंजा ए वायरस में महामारी इन्फ्लूएंजा उत्पन्न करने की क्षमता होती है इसलिए यह लोगों के स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण विषय है। सबटाइप ए (H5N1) और ए (H7N9) ने लोगों में गंभीर संक्रमण पैदा किया है। दूसरी ओर, H7N3, H7N7 और H9N2 से भी लोग काफी मात्रा में संक्रमित हुए हैं।

लोग एवियन इन्फ्लूएंजा के संपर्क में कैसे आते हैं? 

एवियन इन्फ्लूएंजा ए वायरस व्यक्ति की आंख, मुंह या नाक के माध्यम से प्रवेश कर सकता है। संक्रमण तब हो सकता है जब वायरस हवा की बूंदों या धूल में होता है और व्यक्ति इसे सांस लेता है या किसी ऐसी चीज को छूता है जो इससे दूषित होती है। यह ज्यादातर तब होता है जब कोई व्यक्ति एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस से संक्रमित पक्षियों या सतहों के साथ असुरक्षित संपर्क में आता है।

एवियन इन्फ्लुएंजा वायरस कैसे फैलता है?


अत्यधिक रोगजनक एवियन इन्फ्लूएंजा ए (H5N1) वायरस संभवतः निम्न तरीके से फैलता है:

👉पक्षी से लोगों में 
👉पर्यावरण से लोगों में 
👉एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में (बहुत कम/निरंतर)
👉लोगों में इसके फैलने का प्रमुख कारण संक्रमित पॉल्ट्री और दूषित सतह और वायु में वायरस का होना है

एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस के लिए रोग उत्पन्न करने की अवधि कितनी है?


डब्ल्यूएचओ के अनुसार वर्तमान डेटा निम्नलिखित तथ्यों के बारे में बताता है:

इन्फ्लुएंजा ए (H5N1) वायरस की रोग उत्पन्न करने की अवधि औसतन 2 से 5 दिन है और 17 दिनों तक रहती है।
इन्फ्लुएंजा ए (H7N9) वायरस रोग उत्पन्न करने की अवधि औसतन 5 दिन है और 1 से 10 दिनों तक रहती है।
स्वाइन इन्फ्लूएंजा वायरस रोग उत्पन्न करने की अवधि 2-7 दिनों तक है।

(Post by Mr Sunil)
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