दौड़ना दिल के लिए फायदेमंद लेकिन यह तीन बातें ना भूले:-
कई वैज्ञानिक रिसर्च में इस बात की पुष्टि हुई है कि दौड़ने से heart ❤️ की कार्यप्रणाली बेहतर बनी रहती है
जो लोग नियमित रूप से रनिंग करते हैंउनमें कोरोनरी हार्ट डिजीज रक्त धमनियों में ब्लॉकेज की वजह से हार्ड प्रॉब्लम होने की आशंका 30 से 40% तक कम हो जाती है
इससे स्ट्रोक होने की आशंका भी काफी कम हो जाती है
दौड़ने से हमारा शरीर तेज हार्टबीट के साथ सामंजस्य बैठाने में सक्षम हो जाता है
इसलिए तनाव या किसी आकस्मिक आघात के समय जब हार्टबीट तेज हो जाती है तो
हमारे कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम पर नेगेटिव असर नहीं पड़ता हालाकी रनिंग के जहां कई फायदे हैं
वहीं कुछ बातों का ध्यान रखना भी जरूरी है अन्यथा यह जोखिम भरा भी हो सकता है
1. धीमी गति से शुरुआत करें।
अगर आपको इससे पहले कभी दौड़ने का अभ्यास नहीं रहा है तो इसकी शुरुआत करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले लेना चाहिए ।
डॉक्टर अगर पर वेट करते हैं तब भी शुरुआत ब्रिक्स वॉकिंग से करें
उसके बाद विधिवत रनिंग शुरू करें पहली बार दौड़ने के बाद अपने अनुभवों को एक कागज पर लिखिए कि आप किस गति से दौड़े कितनी दूरी तक जुड़े और अपने क्या महसूस किया
शुरुआती धीमी गति से करें जोगिंग जैसी फिर उसी गति को पहले सप्ताह मेंटेन रखें
इसके बाद के सप्ताहों में अपनी गति को थोड़ा-थोड़ा बढ़ाते जाए
लेकिन इसे भी एक सीमा तक ही रखें
2. सप्ताह में 5 दिन ही दौड़े।
अगर आपकी उम्र 40 वर्ष से अधिक है तो सप्ताह में 5 दिन ही दौड़े 2 दिन शरीर को आराम दे आराम वाले दिन आप चाहे तो वॉक कर सकते हैं या घर पर हल्की एक्सरसाइज
एक सवाल अक्सर पूछा जाता है कि हमें कितना दौड़ना चाहिए
तो इसका कोई एक नियम नहीं है
बस अपने शरीर की सुने आपका शरीर ही सब कुछ बता देता है कि आपके लिए कितना दौरान किस दूरी तक दौड़ना किस गति से दौड़ना सही है
अगर दौड़ते समय थोड़ी सी भी थकान महसूस करें या दौड़ने में परेशानी आए तो तुरंत आराम करेगी ज्यादा दिक्कत हो तो डॉक्टर से संपर्क करने में बिल्कुल भी ना हिचके
3. यह टेस्ट जरूर करवाएं।
जिन लोगों को हृदय से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या है तो उन्हें यह जानने के लिए कि वे रनिंग कर सकते हैं या नहीं इसके लिए कुछ टेस्ट जरूर करवानी चाहिए
इसमें महत्वपूर्ण है:-
👉TMT (ट्रेड मिल टेस्ट)
👉ECG Test
👉 इकोकार्डिोग्राफी
हृदय रोग से पीड़ित लोगों द्वारा ज्यादा रनिंग करने से हार्ट अटैक ना हार्ट फेलियर हो सकता है
खासकर उन्हें जो नियमित रूप से एक्सरसाइज नहीं करते हैं
जिनमें लिपट संबंधी गड़बड़ियां है हाई बीपी की समस्या है या जिन्हें डायबिटीज है या जो स्मोकिंग करते हैं
उनके लिए भी दौड़ने में खतरा और बढ़ सकता है।








2 Comments:
You are wright sir
Very nice post thanks sir
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