टिनेज़र्स को क्या खिलाएं?
4 जरूरी टिप्स:-
बच्चे जब तक छोटे होते हैं तब तक हम उनकी फूड हैबिट को कंट्रोल कर सकते हैं लेकिन उनके किशोरावस्था (टीनएज)
मैं पहुंचने के बाद उन पर नियंत्रण रखना मुश्किल हो जाता है
एक तो उनका बाहरी परिवेश से एक्सपोजर बड़ जाता हैं।
इसीलिए कई बार पेरेंट्स को पता ही नहीं चल पाता कि वह बाहर क्या खा रहे होते हैं दूसरा स्टडी को लेकर प्रेशरबढ़ने की वजह से उनकी सीटिंग टाइमिंग भी बढ़ जाती है
इन दिनों गैजेट्स के ज्यादा इस्तेमाल की वजह से भी उनकी फिजिकल एक्टिविटी बहुत कम रह गई है
तो सवाल यह है कि ऐसे में आप ऐसा क्या करें कि आपके टीनएजर्स बेटे या बेटी को हेल्दी और पर्याप्त डाइड मिलती रहे पेरेंट्स के लिए हम बता रहे हैं
4 जरूरी टिप्स:-
1. होल ग्रेन ज्यादा खिलाऐं:-
अगर आपका बच्चा कोचिंग जा रहा है या किसी अन्य एक्टिविटी में बाहर जा रहा है तो वह बाहर का खाएगा ही ।
और यह भी तय है कि वह अक्सर में देवाला फास्ट फूड जैसे पिज़्ज़ा सेंडविच या डीप फ्राइड जैसे समोसा जैसी चीजें ही खायेगा
इस पर पूरा कंट्रोलर चाह कर भी नहीं कर सकते तो इसे घर पर बैलेंस कीजिए हर संभव कोशिश कीजिए कि उसकी डाइट में होल ग्रेन वाली चीजें ज्यादा हो जो स्प्राउट्स से लेकर ओटमील तक कुछ भी हो सकता है।
2. प्रोटीन इनटेक बड़ाए:-
अगर आप वेजिटेरियन है तो खाने में नियमित तौर पर दाल या काले चने या बींस जैसे राजमा जरूर शामिल करें हफ्ते में एक दिन पनीर की कोई चीज खिलाए ।
अगर आप नॉन वेजिटेरियन है तो अंडे और चिकन को भी डाइट में शामिल कर सकते हैं इसके दो फायदे होंगे प्रोटीन बढ़ते टीनएजर्स को मसल्स के डेवलपमेंट के लिए बहुत जरूरी है
इसके अलावा एक फायदा यह भी होगा कि टीनएजर अक्सर भूख लगने की वजह से भी मजबूरी में बाहर का खाते हैं डाइट में ज्यादा प्रोटीन होने से पेट भरा हुआ सा महसूस होता है
इससे बच्चों को भूख कम लगेगी और वह बाहर के खाने से बच जाएंगे।
3. मिल्क पीने के लिए मनाये:-
छोटे बच्चों को तो आप जोर जबरदस्ती के साथ भी दूध पिला देते हैं
पर टीनएजर्स के साथ ऐसा नहीं कर सकते लेकिन उन्हें इस बात के लिए कन्वींस करें कि कैल्शियम उनकी हेल्थ के लिए क्यों जरूरी है
उन्हें बताएं कि अगर वे पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम वाली डाइट नहीं लेंगे तो बॉडी जरूर कैल्शियम उनकी हड्डियों से लेने लगेगी और सेहत दिया कमजोर हो जाएगी थोड़ी सी उछल कूद में ही वह गंभीर रुप से जख्मी हो जाएंगे
इसलिए रोजाना कम से कम एक गिलास दूध पीने के लिए मनाए बेहतर होगा लंच में उन्हें एक कटोरी दही भी दे।।
4. फल- सलाद की मात्रा बढ़ाएं:-
पढ़ाई के बोझ और गैजेट्स में ज्यादा वक्त देने की वजह से टीनएजर्स अक्सर वही काम ज्यादा करते हैं
जिनमें मेहनत कम लगे और इसीलिए कहीं टीनएजर फ्रूट और सलाद खाना पसंद नहीं करते जब भी नियमित रूप से सीजनल फल और सलाद खाने से न केवल एनर्जी लेवल बना रहेगा
बल्कि हमेशा फ्रेश भी फील करेंगे सलाद ज्यादा खाने से जंक फूड से बचेंगे क्योंकि सलाद से जो भी पेट ज्यादा देर तक भरा हुआ महसूस करता है
सीजनल फल खाने से उन्हें समय-समय पर सभी तरह के विटामिंस और अन्य माइक्रो न्यूट्रिएंट्स भी मिल जाएंगे।
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