C4 पथ|हैच चक्र|स्लेक चक्र :-
आज हम जानेंगे c4 पथ क्या होता है और यह कौन से पौधों में पाया जाता है उदाहरण द्वारा समझने की कोशिश करेंगे यह एग्जाम्स के अंदर बार-बार पूछा जाने वाला अच्छा टॉपिक है।
वह पौधे जो शुष्क क्षेत्रों में पाए जाते हैं उनमें c4 पथ पाया जाता है उन पौधों को c4 पादप कहते हैं
उदाहरण के लिए गन्ना मक्का ज्वार इत्यादि है!
C 4 पौधे सी C3 पौधों से अलग होते हैं C4 पौधे विशिष्ट प्रकार के होते हैं इनमें विशेष प्रकार की शारीरिक की पाई जाती है जिन्हें क्रेंज शारीरिकी कहते हैं।
यह पौधे उच्च ताप को सहन कर सकते हैं यह ऊंचे प्रकाश तीव्रता के प्रति अनुक्रिया करते हैं इनमें प्रकाश शवशन नहीं होता है ।
इनमें जेव भार उत्पादन अधिक होता है।
1.C4 पौधों के शव वाहन भंडार के चारों ओर स्थित कोशिका को पुलाचद्द cell या बंडल शीट कहते हैं।
2. C4 पौधों की पत्तियों में bundle seat की अनेक परत पाई जाती है।
3.इनमें बहुत ज्यादा संख्या में क्लोरोप्लास्ट होते हैं इनकी भित्ति मोटी होती है जो गैसों के लिए अपार गम में होती है
4. इनमें अंतर कोशिकीय स्थान नहीं होता है
5. वह पत्तियां जिनमें इस प्रकार की शारीरिक की होती है उन्हें क्रेंज शारीरिक ई वाली पत्तियांकहते हैं।
6. क्रेंज का अर्थ छल्ला या माला होता है।
हैच व स्लेक पथ में एक चक्रीय प्रक्रिया होती है C4 चक्र में CO2 का प्राथमिक ग्राही एक तीन कार्बन वाला अनु होता है जिसे पीईपी कहते हैं
- पीईपी पर्ण मध्योतक कोशिका में पाया जाता है
- CO2 का योगीकीकरण पीईपी कारबॉक्सिलेज एंजाइम द्वारा होता है यह एंजाइम्स पर्ण मध्योतक कोशिका में पाया जाता है
- इस कोशिका में C4 अम्ल OAA बनाता है पर्ण मध्योतक कोशिका में RUBISCO ENZYME नहीं होता है
- पर्ण मध्योतक कोशिका में बना OAA अन्य चार कार्बन वाले अम्ल में बदल जाता है जैसे मेलिक अम्ल व एस्पार्टिक अम्ल
- यह अम्ल जीव द्रव्य तंतु के माध्यम से पूला छिद कोशिका में चले जाते हैं
- पुलाछद्द cell मैं चार कार्बन वाले अम्ल का विकारबॉक्सिलिकरण होता है जिससे CO2 तथा एक तीन कार्बन वाला अम्ल बनता है
- यह तीन कार्बन वाला अम्ल पुनः पर्ण मध्योतक कोशिका में चले जाते है तथा pEp में बदल जाता है इस तरह से C4 चक्र पूरा होता है
पुलाछद्द cell मैं विकारबॉक्सिलिकरण से निकली CO2 केल्विन चक्र में प्रवेश करती है जिसके परिणाम स्वरुप शर्करा का निर्माण होता है
पुलाछद्द cell मैं रूबिस्को एंजाइम ज्यादा मात्रा में पाया जाता है परंतु pep case एंजाइम नहीं होता इसलिए केल्विन चक्र एक मौलिक पथ है जिसके परिणाम स्वरूप C3 C4 दोनों पादपों में शर्करा का निर्माण होता हैं।
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प्रश्नबैक दो प
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Post by Mr Sunil
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