एक्स-रे क्या है, – X-Ray Purpose, Procedure, Risks and benefits in Hindi
एक्स-रे एक आम इमेजिंग टेस्ट है जो दशकों से इस्तेमाल किया जा रहा है। यह आपके शरीर में बिना कोई चीरा लगाए डॉक्टर को आपके शरीर के अंदर की तस्वीरीं निकालने में मदद करता है। इससे उन्हें कई बिमारियों के निदान, निगरानी और इलाज में मदद मिलती है।
विभिन्न प्रकार के एक्स-रे का प्रयोग विभिन्न प्रयोजनों के लिए किया जाता है। उदाहरण के लिए, आपके डॉक्टर आपके स्तनों की जांच करने के लिए मैमोग्राफ की सलाह दे सकते हैं। या वे आपके गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट (gastrointestinal tract) की जांच करने के लिए बैरियम एनीमा के साथ एक्स-रे करवाने के लिए बोल सकते हैं।
एक्स रे क्यों किया जाता है - What is the purpose of X-ray in Hindi
आपके डॉक्टर इन परिस्थितियों में एक्स-रे करवाने के लिए कह सकते हैं -
- एक ऐसे क्षेत्र की जांच करने के लिए जहां आप दर्द या बेचैनी का अनुभव कर रहे हैं।
- ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) जैसे रोग को मॉनिटर करने के लिए।
- यह जांच करने के लिए कि निर्धारित उपचार कितनी अच्छी तरह काम कर रहा है।
इनके अलावा कई अन्य लक्षणों या बिमारियों में भी एक्स-रे की ज़रुरत पद सकती है। उदाहरण के तौर पर -
- हड्डी का कैंसर।
- स्तन ट्यूमर।
- हृदय के आकार में वृद्धि।
- रक्त वाहिकाओं में रुकावट।
- आपके फेफड़ों को प्रभावित करने वाली स्थिति।
- कब्ज या अन्य पाचन सम्बन्धी शिकायत। (और पढ़ें - कब्ज के घरेलू उपाय)
- किसी प्रकार का संक्रमण।
- ऑस्टियोपोरोसिस।
- गठिया।
- दांतों की सडन।
एक्स रे से पहले - Before X-ray in Hindi
एक्स-रे एक साधारण प्रक्रिया है। ज्यादातर मामलों में, आपको एक्स-रे करवाने से पहले कोई विशेष तैयारी करने की आवश्यकता नहीं होती है। आम तौर से बस ये दो सावधानियां बरतने को कहा जा सकता है -
- एक्स-रे से पहले आपको ढीले, आरामदायक कपड़े पहनने को कहा जा सकता है, जैसे कि हॉस्पिटल।
- एक्स-रे के लिए ले जाने से पहले, आपके शरीर से गहने या अन्य किसी भी धातु की वस्तु को हटाने के लिए कहा जाएगा।
कुछ मामलों में, आपको एक्स-रे से पहले "कंट्रास्ट डाई" लेने की आवश्यकता हो सकती है। यह एक तरल पदार्थ है जो एक्स-रे से निकाली गयी तस्वीरों की क्वालिटी को बेहतर बनाने में मदद करेगा। इसमें आयोडीन या बेरियम यौगिक शामिल हो सकते हैं।
एक्स-रे के कारण के आधार पर, कंट्रास्ट डाई अलग-अलग तरीके से दी जा सकती है -
- एक तरल के माध्यम से जिसे आप निगलते हैं
- आपके शरीर में इंजेक्शन के द्वारा
यदि आप अपने गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट की जांच के लिए एक्स-रे करवा रहे हैं, तो आपके डॉक्टर आपको टेस्ट से पहले कुछ खाने पीने से मना कर सकते हैं। और कुछ मामलों में, डॉक्टर आपको अपने पेट को साफ करने के लिए दवाएं लेने के लिए भी कह सकते हैं।
एक्स रे के दौरान - During X-ray in Hindi
एक बार जब आप पूरी तरह से तैयार हो जाएं, तो एक्स-रे तकनीशियन (जिन्हे "रेडियोलॉजिस्ट" कहा जाता है) एक्स-रे के द्वारा चित्र लेंगे। वे आवश्यकता के अनुसार आपको परीक्षण के दौरान कई स्थानों पर लेटने, बैठने या खड़े होने के लिए कह सकते हैं।
एक्स-रे फिल्म या सेंसर वाली विशेष प्लेट के सामने खड़े होने पर ये चित्र ले सकते हैं कुछ मामलों में, नर्स या तकनीशियन आपको एक विशेष प्लेट पर लेटने या बैठने के लिए कह सकते हैं।
जब चित्र लिए जा रहे होते हैं, उस समय आपको हिलने डुलने के लिए मना किया जाता है। जैसे ही आपके रेडियोलॉजिस्ट लिए गए चित्र से संतुष्ट हो जाते हैं तो आपका टेस्ट पूरा हो जाता है।
एक्स रे के बाद - After X-ray in Hindi
एक्स-रे से चित्र लिए जाने के बाद, आप अपने नार्मल कपड़े वापस पहन सकते हैं।
आपकी स्थिति के अनुसार आपके डॉक्टर आपको अपने सामान्य कार्य शुरू करने को या और आराम करने को कह सकते हैं। आपके परिणाम आपको उसी दिन या उसके अगले दिन उपलब्ध हो जाएंगे।
एक्स रे के क्या जोखिम होते हैं - What are the risks of X-ray in Hindi
आपके शरीर के चित्र बनाने के लिए एक्स-रे छोटी मात्रा में रेडिएशन का उपयोग करते हैं। रेडिएशन जोखिम का स्तर ज्यादातर वयस्कों के लिए सुरक्षित माना जाता है, लेकिन बढ़ते बच्चो के लिए नहीं। यदि आप गर्भवती हैं या गर्भवती होने की संभावना है, तो एक्स-रे से पहले अपने डॉक्टर को ज़रूर बताएं।
यदि एक दर्दनाक स्थिति का पता लगाने या शरीर की देखभाल करने में सहायता के लिए एक्स-रे किया गया है, जैसे कि टूटी हुई हड्डी, तो आपको टेस्ट के दौरान दर्द या असुविधा का अनुभव हो सकता है। कुछ स्थितियों में, जब तस्वीरें ली जा रही होंगी तब आपको अपने शरीर को ऐसी पोज़िशन में करने को कहा जा सकता है जिनमें आपको दर्द या परेशानी हो। ऐसा इसलिए ताकि प्रभावित अंग की ठीक से तस्वीर ली जा सके। ऐसी स्थिति में आपके डॉक्टर पहले से दर्द निवारक दवा लेने के लिए कह सकते हैं।
एक्स रे के रिजल्ट क्या संकेत देते हैं - What do X-ray Test Results Indicate in Hindi?
किसी भी नॉर्मल एक्स रे इमेज के मुकाबले यदि एक्स रे में कुछ भी अलग दिख रहा है तो यह एबनॉर्मल है। यह किस समस्या के निदान के लिए करवाया गया है इस बात पर भी निर्भर करता है। इस एबनॉर्मेलिटी का मतलब बीमारी या चोट की मौजूदगी, किसी तरह का फ्रैक्टर, हड्डी का ट्यूमर, ऑस्टियोमाइलाइटिस और हड्डियों की डीजेनेरेटिव स्थिति हो सकता है।
एक्स-रे कराने के खतरे और सावधानियां – Risks & Side Effects of X-Ray in Hindi
शरीर के अंदर मौजूद विकारों के निदान एवं प्रभावित अंग का स्पष्ट चित्र प्राप्त करने के लिए एक्स-रे कराना सबसे सामान्य तरीका है। आमतौर पर किसी बीमारी का इलाज शुरू करने से पहले डॉक्टर एक्स-रे करते हैं। लेकिन एक्स-रे के दौरान यदि सावधानी न बरती जाये तो मरीज के शरीर पर इसका दुष्प्रभाव भी पड़ सकता है।
एक्स-रे के दौरान शरीर के इमेज को उत्पन्न करने के लिए विकिरण का प्रयोग किया जाता है, इसलिए यदि कोई महिला प्रेगनेंट हो तो उसे एक्स-रे नहीं कराना चाहिए क्योंकि यह भ्रूण के लिए अच्छा नहीं होता है और गर्भपात का खतरा (risk) बना रहता है।
यदि हड्डियों में फ्रैक्चर के निदान के लिए एक्स-रे कराया जा रहा हो तो एक्स-रे के दौरान मरीज को दर्द का भी अनुभव हो सकता है।
एक्स-रे में इस्तेमाल होने वाले मैटेरियल के संपर्क में आने से जी मिचलाना, खुजली (itching) हल्का सिरदर्द और एलर्जिक रिएक्शन हो सकता है।
X-Ray के दौरान कम मात्रा में रेडिएशन का प्रयोग किया जाता है लेकिन बच्चे इस रेडिएशन के प्रति ज्यादा संवेदनशील होते हैं और इससे उन्हें नुकसान पहुंच सकता है।
एक्स-रे करने से पहले एक्स-रे इमेज पर उस अंग को हाइलाइट करने के लिए बेरियम और आयोडीन नामक लिक्विड लगाया जाता है जिसे कंट्रास्ट मैटेरियल कहते हैं। इसके कारण मरीज को निम्न रक्तचाप की समस्या एवं कार्डियक अरेस्ट हो सकता है।
एक्स-रे कराने के खतरे और सावधानियां – Risks & Side Effects of X-Ray in Hindi
शरीर के अंदर मौजूद विकारों के निदान एवं प्रभावित अंग का स्पष्ट चित्र प्राप्त करने के लिए एक्स-रे कराना सबसे सामान्य तरीका है। आमतौर पर किसी बीमारी का इलाज शुरू करने से पहले डॉक्टर एक्स-रे करते हैं। लेकिन एक्स-रे के दौरान यदि सावधानी न बरती जाये तो मरीज के शरीर पर इसका दुष्प्रभाव भी पड़ सकता है।
एक्स-रे के दौरान शरीर के इमेज को उत्पन्न करने के लिए विकिरण का प्रयोग किया जाता है, इसलिए यदि कोई महिला प्रेगनेंट हो तो उसे एक्स-रे नहीं कराना चाहिए क्योंकि यह भ्रूण के लिए अच्छा नहीं होता है और गर्भपात का खतरा (risk) बना रहता है।
यदि हड्डियों में फ्रैक्चर के निदान के लिए एक्स-रे कराया जा रहा हो तो एक्स-रे के दौरान मरीज को दर्द का भी अनुभव हो सकता है।
एक्स-रे में इस्तेमाल होने वाले मैटेरियल के संपर्क में आने से जी मिचलाना, खुजली (itching) हल्का सिरदर्द और एलर्जिक रिएक्शन हो सकता है।
X-Ray के दौरान कम मात्रा में रेडिएशन का प्रयोग किया जाता है लेकिन बच्चे इस रेडिएशन के प्रति ज्यादा संवेदनशील होते हैं और इससे उन्हें नुकसान पहुंच सकता है।एक्स-रे करने से पहले एक्स-रे इमेज पर उस अंग को हाइलाइट करने के लिए बेरियम और आयोडीन नामक लिक्विड लगाया जाता है जिसे कंट्रास्ट मैटेरियल कहते हैं। इसके कारण मरीज को निम्न रक्तचाप की समस्या एवं कार्डियक अरेस्ट हो सकता है।
(post by Mr Sunil)
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